कर्नाटक के गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने 2025–26 पेराई सीजन के लिए गन्ना किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस फैसले के तहत किसानों को FRP यानी फेयर एंड रेम्युनरेटिव प्राइस के ऊपर अतिरिक्त भुगतान दिया जाएगा। सरकार के निर्णय के अनुसार किसानों को प्रति टन 50 रुपये की अतिरिक्त राशि राज्य सरकार की ओर से मिलेगी और लगभग 50 रुपये प्रति टन चीनी मिलों की तरफ से दिए जाएंगे। इस तरह किसानों को कुल मिलाकर करीब 100 रुपये प्रति टन का अतिरिक्त लाभ मिलने वाला है। सरकार ने इस योजना के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये की राशि भी जारी कर दी है, जो सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
FRP क्या होता है और इसका महत्व
FRP का मतलब है फेयर एंड रेम्युनरेटिव प्राइस, जिसे हिंदी में उचित और लाभकारी मूल्य कहा जाता है। यह वह न्यूनतम कीमत होती है जिसे केंद्र सरकार हर साल गन्ने के लिए तय करती है। देश की सभी चीनी मिलों को यह कीमत किसानों को देना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है। कोई भी मिल इस तय कीमत से कम भुगतान नहीं कर सकती। कर्नाटक सरकार ने इसी कीमत के ऊपर अतिरिक्त सहायता देने का फैसला लिया है, जिससे किसानों की आय में सीधा फायदा होगा।
अतिरिक्त भुगतान की घोषणा कैसे हुई
यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया था। नवंबर 2025 में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विधान सौध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में चीनी मिल मालिकों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। लंबे विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया गया कि गन्ने की FRP के ऊपर 100 रुपये प्रति टन अतिरिक्त राशि दी जाएगी। इस अतिरिक्त भुगतान का आधा हिस्सा सरकार और आधा हिस्सा चीनी मिलें मिलकर देंगी। इसके बाद गन्ना विकास और कृषि विपणन मंत्री शिवानंद पाटिल ने इस योजना की आधिकारिक घोषणा की।
किन किसानों को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ उन सभी किसानों को मिलेगा जिन्होंने 2025–26 के पेराई सीजन में कर्नाटक की किसी भी चीनी मिल को गन्ना सप्लाई किया है। यदि किसान का नाम मिल के रिकॉर्ड में दर्ज है और गन्ना बिक्री का रिकॉर्ड उपलब्ध है, तो वह इस योजना के लिए स्वतः पात्र माना जाएगा। सबसे अच्छी बात यह है कि किसानों को इसके लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। पेराई के आंकड़ों और मिल के रिकॉर्ड के आधार पर पैसा सीधे बैंक खाते में भेज दिया जाएगा।
गन्ना उत्पादन और पेराई की स्थिति
कर्नाटक में इस समय लगभग 81 चीनी मिलें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। अब तक राज्य में 521 लाख मीट्रिक टन से अधिक गन्ने की पेराई हो चुकी है। अनुमान है कि मार्च 2026 के पहले सप्ताह तक यह आंकड़ा करीब 600 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच सकता है। इसी अनुमान के आधार पर सरकार ने अतिरिक्त भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है, ताकि सभी पात्र किसानों को समय पर लाभ मिल सके।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका बैंक खाता आधार से लिंक हो और डीबीटी सुविधा सक्रिय हो। इससे अतिरिक्त भुगतान सीधे खाते में पहुंच सकेगा और किसी तरह की देरी नहीं होगी। अगर किसी किसान को समय पर राशि प्राप्त नहीं होती है, तो वह अपने जिले के उपायुक्त कार्यालय, कृषि विभाग या संबंधित चीनी मिल के किसान सेवा केंद्र से संपर्क कर सकता है।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कदम
यह अतिरिक्त भुगतान गन्ना किसानों के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे किसानों की मेहनत का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी। खेती से जुड़ी बढ़ती लागत के बीच यह सहायता किसानों को राहत देने का काम करेगी।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न समाचार रिपोर्टों और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। Sugarcane FRP Extra Payment 2026 से जुड़े नियम, भुगतान प्रक्रिया या तारीखों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। इसलिए सटीक और आधिकारिक जानकारी के लिए किसानों को अपने जिले के कृषि विभाग, जिला प्रशासन कार्यालय या संबंधित चीनी मिल से संपर्क करके पुष्टि अवश्य करनी चाहिए।









