देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 22वीं किस्त जारी कर दी गई है। प्रधानमंत्री द्वारा असम के गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस किस्त की राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर की गई। इस किस्त के माध्यम से पात्र किसानों को 2000 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। सरकार के अनुसार इस भुगतान का लाभ देश के लगभग 9.32 करोड़ से अधिक किसानों को मिला है।
महिला किसानों को भी मिला लाभ
इस योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में महिला किसानों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस किस्त का लाभ पाने वाले लाभार्थियों में लगभग 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसान शामिल हैं। इससे स्पष्ट होता है कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में महिला किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पीएम किसान योजना क्या है
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष 6000 रुपये की राशि दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। सरकार इस राशि को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा करती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
अब तक वितरित हुई बड़ी राशि
22वीं किस्त जारी होने के साथ ही इस योजना के तहत किसानों को वितरित की गई कुल राशि काफी बड़ी हो चुकी है। जानकारी के अनुसार पीएम किसान योजना के माध्यम से अब तक 4.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है। यह योजना देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी और आज भी लाखों परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहायता का माध्यम बनी हुई है।
पिछली किस्तों का विवरण
पिछले वर्षों में भी सरकार लगातार किसानों को किस्तों के माध्यम से सहायता प्रदान करती रही है। फरवरी 2025 में जारी की गई 19वीं किस्त के तहत लगभग 9.8 करोड़ किसानों को करीब 22,000 करोड़ रुपये की राशि दी गई थी। इसके बाद अगस्त 2025 में 20वीं किस्त के माध्यम से लगभग 9.7 करोड़ किसानों को 20,500 करोड़ रुपये दिए गए थे। वहीं नवंबर 2025 में 21वीं किस्त के रूप में लगभग नौ करोड़ किसानों को करीब 18,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई थी।
ई-केवाईसी कराना है जरूरी
पीएम किसान योजना के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य कर दिया गया है। किसान ओटीपी आधारित ई-केवाईसी को पीएम किसान पोर्टल के माध्यम से पूरा कर सकते हैं। इसके अलावा बायोमेट्रिक आधारित ई-केवाईसी के लिए नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर की सहायता भी ली जा सकती है। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए एक मोबाइल ऐप भी शुरू किया है जिसमें फेस रिकग्निशन तकनीक के माध्यम से घर बैठे ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
किसानों की सहायता के लिए नई सुविधाएं
सरकार ने किसानों की मदद के लिए कई डिजिटल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं। पीएम किसान पोर्टल पर ‘अपनी स्थिति जानें’ नामक मॉड्यूल उपलब्ध है, जिसके माध्यम से किसान अपनी भुगतान स्थिति, पात्रता, आधार लिंकिंग और अन्य जरूरी जानकारी देख सकते हैं। इसके अलावा कृषि मंत्रालय द्वारा ‘किसान-ईमित्र’ नामक वॉयस चैटबॉट भी शुरू किया गया है, जो कई क्षेत्रीय भाषाओं में किसानों के सवालों का समाधान करने में मदद करता है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों और रिपोर्ट्स पर आधारित है। पीएम किसान योजना से संबंधित नियम, पात्रता और भुगतान से जुड़ी जानकारी समय-समय पर सरकार द्वारा बदली जा सकती है। इसलिए सटीक और नवीनतम जानकारी के लिए पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित सरकारी विभाग से जानकारी अवश्य प्राप्त करें।









